रायपुर मुख्यमंत्री की नाराजगी और नए डीजीपी की सख्ती के बाद चिटफंड कंपनियों के करारा डायरेक्टर की तलाश तेज कर दी गई है इसी जांच के दौरान रायपुर बलोदा बाजार और भाटापारा से ज्यादा मुनाफे की लालच देकर करोड़ों का निवेश करने वाले रसायनिक इंफोसिस लिमिटेड चिटफंड कंपनी के दो डायरेक्टर को गिरफ्तार किया गया है भाटापारा पुलिस टीम सूचना के आधार पर उनकी तलाश की मध्य प्रदेश में भी की गई थी
वहां से कुछ दिनों बाद पड़ताल के बाद पता चल रहा है कि वह भीड़ में छुपे हैं इनके बाद छापामारी कर शैलेंद्र सिंह बघेल और भावनीपुर के रहने वाले हैं इनमें से एक अफसरों को रकम लौटाने के समय आया तो इन दोनों ने भाग गए लोगों को यह कहा कर गए लूटा था कि आपके पैसे में ब्याज दिलाएंगे और आपका पैसा दुगना करेंगे इन चिटफंड कंपनियों में निवेश करने के बाद जब पैसा लौटाने की बारी आई तो जब इन कंपनियों के डायरेक्टर भाग गए और तकरीबन 3 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी में सामने आई है 2 डायरेक्टर और सबसे ज्यादा लालच देने वाले विभिन्न का नाम शामिल था फिर इन्होंने अलग-अलग पुलिस थाने में खबर लगवाई की कितनी सीट पर कंपनियों के नाम दाखिले और इन पर कार्रवाई चल रही है पर पुलिस ने अपनी जांच के दौरान इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और साथ में इन दोनों का नाम चिटफंड लिस्ट में सबसे ऊपर था